विश्व में योग शक्ति का प्रवाहक बना मुंगेर: निरंजनानंद

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बिजेंद्र कुमार राजबंधु, मुंगेर : योग पीठाधीश स्वामी निरंजनानंद सरस्वती व रिखियापीठ की पीठाधीश्वरी स्वामी सत्यसंगानंद के नेतृत्व में योगनगरी मुंगेर के पोलो मैदान में बुधवार से पांच दिवसीय विश्व योग सम्मेलन शुरू हो गया। इस मौके पर स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि यह निर्विवाद सत्य है कि विश्व में योग का शक्ति प्रवाहक मुंगेर बना है। यहीं से योग पद्धति का विकास हुआ है। इस सम्मेलन द्वारा आगामी योग के भावी आध्यात्मिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

स्वामी ने कहा कि योग आंदोलन के प्रणेता स्वामी शिवानंद जी हैं। योग की वैज्ञानिक व व्यावहारिक पद्धति का विकास उन्हीं की देन है। स्वामी जी ने मुंगेर के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्री राम, सीता जी, दानवीर कर्ण, विश्वकवि रवींद्र नाथ टेगौर, भगवान बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, जैन धर्म के संस्थापक की आश्रय स्थली रही है मुंगेर। दानवीर कर्ण को मुंगेर में ही तांत्रिक सिद्धि प्राप्त हुई थी।

उन्होंने कहा कि 1937 में स्वामी शिवानंद ने एक सप्ताह तक मुंगेर में रहकर जगह-जगह अखंड कीर्तन किया था। उस समय शिवानंद को मुंगेर में अनुभूति हुई थी कि मुंगेर योग की कर्मभूमि बनेगा। विश्व योग मित्रमंडल उन्हीं की कल्पना है।

इसके पूर्व बिहार की गौरवगाथा पर चर्चा करते हुए स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि देश के राष्ट्रध्वज पर विराजमान अशोक चक्र बिहार की देन है। बिहार ने ही विश्व योग विद्यालय दिया है। इस धरती को विश्व का प्रथम गणराज्य होने का गौरव प्राप्त है। महान गणितज्ञ आर्यभट्ट, कूटनीति के प्रणेता चाणक्य, भगवान बुद्ध, स्वामी सत्यसंगानंद जैसी विभूतियों की भूमि बिहार रहा है। बिहार सामाजिक, सांस्कृतिक व अध्यात्मिक चेतना की धरती है। आधुनिक युग की महान विभूति सत्यानंद सरस्वती का कार्यक्षेत्र भी बिहार ही रहा है। बिहार व सत्यानंद योग की परंपरा परंपरा हैं। उन्होंने योग को जीवन का विज्ञान बताया। बोले, योग शिक्षा व साधन है। शिक्षा समझ है, योग प्रवृत्ति है। योग मानव जीवन के दो अंग हैं।

इससे पूर्व रिखियापीठ की पीठाधीश्वरी स्वामी सत्यसंगानंद ने कहा कि मानव जीवन में योग बहुत जरूरी है। योग भविष्य का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि मैनहट्टन राज्य में मकर संक्रांति के दिन सभी लोग सब कार्य छोड़कर सूर्य नमस्कार करते हैं। उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। स्वामी शिवानंद व सत्यानंद सरस्वती के योग के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेने पर भी उन्होंने चर्चा की। सम्मेलन का आरंभ स्वामी शिवानंद व स्वामी सत्यानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व गुरु वंदना से निरंजनानंद व सत्यसंगानंद ने किया।

इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक शंकरानंद, केवाल्यानंद, रत्‍‌न शक्ति सरस्वती, प्रमंडलीय आयुक्त मिन्हाज आलम, डीआइजी सुधांशु कुमार, डीएम नरेंद्र कुमार सिंह, एसपी नवीनचंद्र झा, समाजसेवी निरंजन शर्मा, केके गोयनका, मेयर कुमकुम देवी, डिप्टी मेयर बेबी चंकी, शिवकुमार रूंगटा, शशिभूषण वर्मा समेत अन्य अधिकारी व साधक उपस्थित थे।

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बाक्स

स्वर्णिम योगी सम्मान से सम्मानित हुए दर्जनों साधक

मुंगेर : 50 वर्षो के दौरान योग को अपना जीवन समर्पित करने वाले देश-विदेश के दर्जनों साधकों को स्वर्णिम योगी सम्मान से सम्मानित किया गया।

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स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के संचालन में सम्मानित होने वाले साधक

नासिक कनाडा के स्वामी वशिष्ठ, यूएसए के विवेकानंद, बोद्धानंद, इटली के आनंदानंद, इंग्लैंड के प्रज्ञामूर्ति, पुर्तगाल के वेदांतानंद, फ्रांस के योगशक्ति, कोलंबिया के शिवमला, चीन के शिवराजानंद, चेन्नई के वज्रपानी, यूएसए के प्रेम शक्ति, अलख, सुमित्रानंदन, धर्मनंदा, संचय, यज्ञरत्‍‌ना, गोरखनाथ, केवल्यानंद, गंगा दर्शन के विजयानंद, निर्मल।

Source: http://www.jagran.com/bihar/munger-10815127.html

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